Al Lateef Meaning in Hindi | अल लतीफ़ नाम के फायदे

अस्सलाम अलैकुम दोस्तों, इस वेबसाइट पर 99 names of allah का सीरीज स्टार्ट किया गया है जिसमे अल्लाह के 99 नाम के बारे में बताया जा रहा है जिसमे आज आपको Al Lateef के बारे में सिखने को मिलने वाला है.

आज आपको जानने को मिलेगा Al Lateef का मतलब क्या है, इसे कब और कितनी बार पढना चाहिए, और इसे पढने से क्या फायदा होने वाला है.

Al Lateef Meaning in Hindi

اللَّطِيفُ
AL-LATEEF
(सूक्ष्मताओं का ज्ञाता)

अल्लाह वो है के जो अपनी बनाए कायनात की तमाम मखलोक़ात की सभी बारिकियों को बा-खुबी जाने वाला है, लोगों से छुपा हुआ कोई भी मामला अल्लाह से छुपा हुआ नहीं है।

अल लतीफ़ को कब पढ़े?

Al Lateef पढने के लिए कोई भी समय मुक़र्रर नहीं है जब आपके पास समय हो पढ़ सकते है लेकिन बेहतर ये होता है की किसी भी नमाज़ के बाद पढ़े.

क्युकी नमाज़ के बाद पढने का मतलब यही है की आप पाक व साफ़ वजू के साथ होते है और इस हालत में पढ़ते है तो दुआ कुबूल होने का ज्यादा चांस ज्यादा होता है.

अगर आप चाहे तो नमाज़ के बाद अल मालिक को 100 बार पढ़ सकते है.

अल लतीफ़ के फायदे और वजीफा क्या है?

benefits of reciting Al Lateef

  • अगर कोई अपनी लड़की की शादी के लिए इस नाम को नमाज़ के बाद पढ़ेगा तो अच्छा रिश्ता मिलेगा! बच्ची आराम पाएगी, जो पढ़ने के लिए हमेशा का मामूल बनाएगा उसकी हर दुआ क़ुबूल होगी.
  • जो शख्स 133 बार “या लतीफ़ु” पढ़ा करे इंशाअल्लाह उसके रिज्क में बरकत होगी और उसके सब काम बखूबी पूरे होंगे
  • जो शख्स फ़ाका, दुःख, बीमारी, तन्हाई या किसी और मुसीबत में गिरफ़्तार हो वो अच्छी तरह वुज़ू करके दो रकात नमाज़ पढ़े, और अपने मक़सद और मतलब को दिल में रख कर 100 बार ये नाम पढ़ ले, तो इंशाअल्लाह उसका मक़सद पूरा होगा
  • बेटियों के रिश्ते और उनका नसीब खुलने और बीमारियों से सेहत के लिए हर रोज़ दो रकात नमाज़ पढ़े और उसके बाद 100 बार इसका पढ़ना बहुत फ़ायदेमंद है
  • बीमारियों से शिफ़ा के लिए इस नाम के साथ कोई शिफ़ा की आयत पढ़ ली जाये तो बहुत फ़ायदा होगा


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