Al Mu’izz Meaning in Hindi | अल मु’इज्ज़ नाम के फायदे

अस्सलाम अलैकुम दोस्तों, इस वेबसाइट पर 99 names of allah का सीरीज स्टार्ट किया गया है जिसमे अल्लाह के 99 नाम के बारे में बताया जा रहा है जिसमे आज आपको Al Mu’izz के बारे में सिखने को मिलने वाला है.

आज आपको जानने को मिलेगा Al Mu’izz का मतलब क्या है, इसे कब और कितनी बार पढना चाहिए, और इसे पढने से क्या फायदा होने वाला है.

Al Mu’izz Meaning in Hindi

الْمُعِزُّ
AL-MU’IZZ
(इज्ज़त देने वाला)

वह जिसे चाहता है उसे सम्मान देता है, इसलिए उसे नीचा दिखाने वाला कोई नहीं है, और वह जिसे चाहता है उसे नीचा करता है, इसलिए उसे सम्मान देने वाला कोई नहीं है।

अल मु’इज्ज़ को कब पढ़े?

Al Mu’izz पढने के लिए कोई भी समय मुक़र्रर नहीं है जब आपके पास समय हो पढ़ सकते है लेकिन बेहतर ये होता है की किसी भी नमाज़ के बाद पढ़े.

क्युकी नमाज़ के बाद पढने का मतलब यही है की आप पाक व साफ़ वजू के साथ होते है और इस हालत में पढ़ते है तो दुआ कुबूल होने का ज्यादा चांस ज्यादा होता है.

अगर आप चाहे तो नमाज़ के बाद अल मालिक को 100 बार पढ़ सकते है.

क्या आप दुनिया और आख़िरत में इज्ज़त चाहते हैं तो अल्लाह के इस नाम को एक सौ चालीस दिन तक इक्तालीस बार रोज़ाना बगैर कोई नागा किये हुए पढ़ें, इंशाअल्लाह दुनिया और आख़िरत में इज्ज़त मिलेगी ( इस अमल की शुरुआत दोशम्बा या जुमा की रात से शुरू करें )

अल मु’इज्ज़ के फायदे और वजीफा क्या है?

benefits of reciting Al Mu’izz

अल्लाह ही हर आदमी को इज्जत देने वाला है , इस नाम { Allah names ya mu’zzu } को ईशा की नमाज़ के बाद 140 मर्तबा पढ़ने से दुनिया में दर्जा पायेगा दुश्मन भी दोस्त बन जाएंगे और उसे कोई सत्ता नहीं पायेगा उसकी हर हाज़त पूरी होगी.

जो शख्स शबे जुम्मा को या पीर को बाद नमाज़े मग़रिब के 41 मर्तबा पढ़े उसकी इज्जत व हुरमत में बढ़ोतरी हो! इंशाअल्लाह.

  •  जो शख्स पीर या या जुमा की रात में मगरिब के बाद 40 बार ये नाम पढ़ेगा इंशाअल्लाह ख़ुदा तआला उसकी हैबत और रौब मख्लूक़ के दिल में डाल देंगे
  • जो 140 दिन तक 41 बार रोजाना बगैर कोई नागा किये हुए इस नाम को पढ़ेगा वो दुनिया और आख़िरत में इज्ज़त पायेगा (पढने की शुरुआत पीर या जुमा की रात से करें)


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