रमजान का चाँद देखकर जो ये दुआ पढ़ेगा मालामाल हो जाएगा

रमजान का चाँद देखकर जो ये दुआ पढ़ेगा मालामाल हो जाएगा

रमजान एक पाक, इबादत वाला, गुनाहों की माफ़ी देने वाला और अल्लाह की रहमत वाला महीना है, इसकी शुरुआत शाबान के खत्म होने से होती है जिसके अंत मे चांद दिखता है और हमे रमजान के आने की खुशखबरी देता है; इसलिये जब भी हम रमजान का चांद देखे तो हमें ramzan ka chand dekhne ki dua पढ़नी है.

हुज़ूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इर्शाद फरमाया कि अगर लोगों को यह मालूम हो जाये कि माहे रमज़ानुल मुबारक क्या चीज़ है (जो कि चाँद से पता चलता है की कब है), तो मेरी उम्मत यह तमन्ना करेंगी कि सारा साल रमज़ान ही हो जाये 

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रमजान का चाँद देखने की दुआ अरबी में

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रमज़ान का चाँद देखने की दुआ हिंदी में

अल्लाहुम्मा अहिल लहू अलैना बिल अमनि वल इमानि वस सलामति वल इस्लामि वत तौफीकि लिमा तुहिब्बु व तरज़ा रब्बी व रब्बुकल लाह।

दुआ का हिंदी में तर्जुमा

तर्जुमा – ए अल्लाह ! हम पर इस चाँद को अम्नो ईमान, सलामती और इस्लाम और उस चीज़ की तौफ़ीक़ के साथ तुलु फरमा फरमा जो आप पसंद करते हैं और जिसमें आपकी रिज़ा है (ए चाँद) मेरा और तेरा रब अल्लाह है।

अरबी शब्दकोष में शब्द ‘अस्सौम’ एवं उर्दू शब्दकोष में इसके समानार्थक शब्द ‘रोजा’ का अर्थ है ‘रुकना’। इसका आशय है बुराइयों से रुकना, पापों से रुकना। पवित्र रमजान महीने में सूर्योदय पूर्व से लेकर सूर्यास्त पश्चात तक व्यक्ति द्वारा किए गए रोजा (उपवास) के प्रयोग में यह यह प्रायोगिक दर्शन निहित है।

रोज़ा का अर्थ क्या है?

रमजान का चाँद देखने की दुआ ऊपर image में बताया गया है

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