कब हो रही है रमजान की शुरुआत? जानें कब मनेगी ईद

कब हो रही है रमजान की शुरुआत? जानें कब मनेगी ईद

इस्लामी कैलेंडर के नौंवे महीने में रोजा रखा जाता है. रमजान की शुरूआत चांद के दिखने के बाद होती है. भारत में इस बार रमजान महीने की शुरुआत शनिवार 2 अप्रैल से हो रही है.

रमज़ान कितने दिन का होता है

हर साल 12 महीनों में 1 महीना रमज़ान का होता है और इसमें चाँद के हसाब से कभी 29 दिन या कभी 30 दिन रोज़े (29 or 30 Days in Ramadan) रखने होते हैं. इसके अलावा रोज़ाना इशा की नमाज़ के बाद तरावीह (Taraweeh Ki Namaz) की नमाज़ भी पढ़ी जाती है जो कि सुन्नत से साबित है। 

ऐसे हुई थी रमजान माह की शुरुआत

इस्लामिक मान्यता के अनुसार, 610 ईसवी में पैगंबर मोहम्मद साहब पर लेयलत-उल-कद्र के मौके पर पवित्र कुरान शरीफ नाजिल हुई थी। तब से रमजान माह को इस्लाम में पाक माह के रूप में मनाया जाने लगा। रमजान का जिक्र कुरान में भी मिलता है। कुरान में जिक्र है कि रमजान माह में अल्लाह ने पैगंबर मोहम्मद साहब को अपने दूत के रूप में चुना है। इसलिए रमजान का महीना मुसलमानों के लिए पाक है। 

रमजान दुनिया भर के मुसलमानों के लिए रोजे रखने का महीना है। रमजान का मकसद अध्यात्म को बढ़ाना और सांसारिक सुखों से अलग होना है। जो मुसलमान रमज़ान में भाग लेना चाहते हैं, उन्हें अपनी नमाज़ अदा, क़ुरान पढ़ने और परोपकारी होने जैसे काम करके खुद को तैयार करना चाहिए। 

रमजान की तैयारी कैसे करें?  

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रमजान एक महीने तक चलने वाला त्योहार है जो दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा मनाया जाता है। यह त्योहार पैगंबर मुहम्मद को कुरान के पहले रहस्योद्घाटन की याद दिलाता है।  मुसलमानों का मानना है कि रमजान के दौरान, अल्लाह अपने लोगों के लिए खुद को पूरी तरह से प्रकट करता है और यह आध्यात्मिक विकास और समृद्धि का समय है। प्रार्थना, उपवास और दान कार्य में महीना व्यतीत होता है।

रमजान क्यों मनाया जाता है? 

रमजान का इतिहास क्या है? 

रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, और इस्लामी मान्यता के अनुसार मुहम्मद को कुरान के पहले रहस्योद्घाटन को मनाने के लिए दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा उपवास के महीने के रूप में मनाया जाता है।  रमजान गहन नमाज़ और आध्यात्मिक विकास के समय के रूप में शुरू हुआ, जो प्रार्थना, आत्म-प्रतिबिंब और दान द्वारा चिह्नित है। यह अब पारिवारिक समारोहों, गरीबों को अधिक देने और उत्सव के भोजन का भी समय है। रमजान के दौरान उपवास इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है।

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कितना मुश्किल होता है रोज़ा?

गार्मियों में दिन करीब 15 से 17 घंटे तक का होता है. और जब जून के महीने में रोज़े आते हैं तो ये और भी मुश्किल होते हैं. क्योंकि सूरज महाराज अपनी तपिश से ज़मीन को भी शोला बनाने की चाहत रखते हैं. और रोज़ेदार पानी भी नहीं पीते. ऐसे में बॉडी में पानी की कमी होने लगती है. और जिस्म टूटकर चूर हो जाता है. 

चांद से रोशन हो रमजान तुम्हारा इबादत से भर जाए रोजा तुम्हारा हर नमाज हो कबूल तुम्हारी बस यही दुआ है खुदा से हमारी आप सभी को रमजान मुबारक!

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