Shab E Qadr ki Namaz Padhne ka Tarika

शबे क़द्र या लैलतुल क़द्र एक रात को ही कहा जाता है जो हज़ार महीनों से अफज़ल है यानि आप लैलातुल कद्र बोले या शबे क़द्र बोले

Shab e Qadr kyu Manate hai ये सवाल दिलों मे उठना तो लाजमी है क्यूंकि हमें बचपन से ये बताया गया है कि Shab e qadr की रात जागकर जो अल्लाह की इबादत करता है अल्लाह उससे खुश होकर उसकी मगफिरत कर देता है

Shab e Qadr ki Namaz ki Rakat

शबे क़द्र की नमाज़ 2 रकात से लेकर 1000 रकात होती है यानि कम से कम 2 रकात और ज्यादा से ज्यादा 1000 रकात है आपसे जितना रकात हो सकता है उतना ही पढ़े।

Shab e Qadr ki Namaz ki Rakat

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मै India में रहता हूँ और यहाँ के उलमा से बात करने पे मालूम चला की शबे क़द्र की नमाज़ 12 रकात होती है जिसे 4 रकात करके 3 times में पूरी करना चाहिए।

नियत की मैंने चार रकात नमाज़ शब-ए-क़द्र की नफिल वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काअबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर.

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Shab e Qadr ki Namaz ki Niyat

पहली रकात

सबसे पहले आप सना और ताउज पढ़ें

फिर सूरह फातिहा पढ़ें एक मर्तबा पढ़ें

फिर सुरह अल कद्र पढ़े यानि इन न अन्जलना एक मर्तबा पढ़े

इसके बाद सुरह इखलास 15 मर्तबा पढ़े

पहली रकात

रुकू में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुए खड़े हो जाएँ तो एक मर्तबा रब्बना लकल हम्द कहें

दोनों सजदे में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें

दूसरी रकात

सूरह फातिहा पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह एक मर्तबा पढ़ें सुरह अल कद्र पढ़े यानि इन न अन्जलना एक मर्तबा पढ़े इसके बाद 15 मर्तबा सुरह इखलास पढ़े

दूसरी रकात

रुकू में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुए खड़े हो जाएँ तो एक मर्तबा रब्बना लकल हम्द कहें

दोनों सजदे में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें

दूसरी रकात

फिर आप अल्लाहु अकबर कह कर अपने पंजो पर बैठ जाएँ

एक मर्तबा अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुए अपने शहादत के ऊँगली को उठायें

तीसरी रकात

सुरह अल कद्र पढ़े यानि इन न अन्जलना एक मर्तबा पढ़े

सूरह फातिहा पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह एक मर्तबा पढ़ें

इसके बाद 15 मर्तबा सुरह इखलास पढ़े

तीसरी रकात

फिर पहले की तरह इस रकात में भी रुकू और सजदे करे फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुए चौथी रकात के लिए खड़े हो जाएँ।

चौथी रकात

सूरह फातिहा पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह एक मर्तबा पढ़ें

सुरह अल कद्र पढ़े यानि इन न अन्जलना एक मर्तबा पढ़े

इसके बाद 15 मर्तबा सुरह इखलास पढ़े

चौथी रकात

फिर पहले की तरह इस रकात में भी रुकू और सजदे करे फिर आप अल्लाहु अकबर कह कर अपने पंजो पर बैठ जाएँ

अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़े

एक मर्तबा दरूदे इब्राहिम पढ़ें

एक मर्तबा दुआ ए मासुरा पढ़ें

चौथी रकात

सलाम फेरने के बाद उसी हालत में बैठे रहे 100 बार दरूद शरीफ पढ़े जो आपको याद हो 100 मर्तबा अस्ताग्फार पढ़े 100 बार सुरह इखलास पढ़े। इसके बाद दुआ के लिए हाथ उठाए इस तरह से आपकी Shab e Qadr 4 रकात पूरी हो गयी

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