What is Shahada? | शहादा क्या है?

अस्सलाम अलैकुम आज की पोस्ट में हम जानने वाले है की What is Shahada?, इस्लाम का पहला पिलर क्या है? इस्लाम में शहादा सबसे जरुरी स्तंभ क्यों है? शहादा का read कैसे करें? और इस्लाम का और कितने स्तंभ हैं?

What is Shahada? (शहादा क्या है?)

शहादा अरबी लफ्ज़ है जिसका मतलब गवाही देना, यानी ये गवाही देना के अल्लाह के सिवा कोई माबूद यानी कोई इबादत के लायक नही और मुहम्मद (स०अ०) अल्लाह के बन्दे और रसूल हैं|

कोई इन्सान उस वक़्त तक मुसलमान या इस्लाम में दाखिल नही हो सकता जब तक ये ना मान ले के अल्लाह एक है और वही तनहा इबादत के लायक है और नबी करीम (स०अ०) उसके आखरी रसूल हैं|

ईश्वर के अलावा कोई ईश्वर नहीं है (अल्लाह – यानी अल्लाह के अलावा कोई पूजा के योग्य नहीं है), और मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं।”

Shahada का मतलब क्या है?

Transliteration: “Ashadu an la ilaha illa illa-ilah, wa ashadu anna muhammadan rasul ullah.”

तर्जुमा: “अल्लाह ता’अला के अलावा कोई माबूद नहीं है यानि अल्लाह के अलावा कोई इबादत के लाएक नहीं है, और मुहम्मद अल्लाह के रसूल है।”

“Shahada” इस्लाम का सबसे महत्वपूर्ण पिलर क्यों है?

मुसलमानों के लिए शहादा इस्लाम का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है क्योंकि इसे समझने और स्वीकार करने का मतलब है कि एक व्यक्ति पूरे विश्वास के साथ समझता और स्वीकार करता है। दरअसल, शहादा की सामग्री में सच्चा विश्वास सबसे प्रमुख विशिष्ट विशेषता है जो एक मुसलमान को मुस्लिम के रूप में परिभाषित करती है।

इसे इस्लाम में परिवर्तित करने की आवश्यकता है, इसके मूल अरबी में शहादा का एक ईमानदार सार्वजनिक पाठ है।

5/5 - (1 vote)

Leave a Comment