ग़ुस्ल का तरीका और दुआ क्या है | Ghusl ki Dua in Hindi URDU

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अस्सलामु अलैकुम मेरे प्यारे भाइयों और बहनों Namaz Quran में आपका Welcome है आज के इस पोस्ट में हम आप लोगों को Ghusl ki Dua और इसके तरीका क्या है यानि के इस्लामिक तरीके से नहाना (ghusal) करना आपको पता है की हम इस्लाम जैसे पाकीजा मजहब से ताआलूक रखते है तो हमें इस्लाम के बताये रास्ते पर ही चलना चाहिए |

आप Namaz Quran Blog भरोसा कर सकते है आपको इस पोस्ट में और पूरी डिटेल्स के Ghusl Karne ki Dua in Hindi और इसके साथ Ghusl ki Niyat क्या है और Ghusl Karne ka Tarika Hindi Urdu English क्या है और इसके जुड़े बहुत सारे सवाल तो आप इस ब्लॉग को complete जरूर पढ़े।

ग़ुस्ल क्या है – What is Ghusl

ग़ुस्ल एक अरबी भाषा शब्द है। जिसका मतलब पुरे शरीर को नहलाना अर्थात स्नान करना होता है , अगर बालिग इंसान अपनी पाकीज़गी (शुद्धता) खो चुका है यानि नापाकी की हालत में है तो इस्लाम में नमाज और अन्य इस्लामी अमल के समय सबसे पहले ग़ुस्ल करना ज़रूरी होता है हर उस बालिग़ इन्सान पर जो कि :

  • यौन-संबंध कर चुका हो
  • इन्तेकाल हो जाने पर (Death के time)
  • जिस लड़की मासिक धर्म पूरा हो गया हो
  • वीर्य निकलने पर (मणि निकलने पर)

ग़ुस्ल को “पूर्ण स्नान” भी कहा जा सकता है, इसके विपरीत “आधा स्नान” , वुज़ु जिसे मुस्लिम छोटी नापाकी जैसे मूत्र त्याग करने, शौच करने, पादने, गहरी नींद सोने, ज़रा भी खून बहने पर किया जाता है।

ग़ुस्ल करने का तरीका क्या है – Gusl ka Tarika in Hindi

Ghusl ka Tarika in Hindi

तो चलिए दोस्तों अब हम इस्लामिक तरीके से Ghusl Karne ka Tarika यानि नहाते कैसे है इसके बारे में जानते है और उसके अपनाते है। Ghusl ka Sahi Tarika हिंदी में क्या अब जानते है।

بِسْمِ اللّٰہِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِیۡمِ

1. नीयत करना

सबसे पहले नीयत करना यानि दिल में यह इरादा करना कि निजासत से पाक होने, अल्लाह की रज़ा और सवाब के लिये नहाता हूँ न कि बदन साफ़ करने के लिये। नियत में “नहा रहा हूँ पाक और साफ़ होने के लिए बिस्मिल्लाह हिरहमा निर्रहीम” ये कह सकते है।

2. हाथ गट्टों तक धोना

फिर अपने हांथो के गट्टों को तक तीन – तीन बार अच्छे से धोना और गरारह करें यानि कुल्ला करें।

3. इस्तन्जे की जगह धोना

इस्तन्जे की जगह को धोयें चाहे निजासत लगी हो या नहीं।

4. बदन पर लगी निजासत धोना

बदन पर जहां भी निसाजत लगी हो उसे अच्छे से साफ़ करना धोना आपके बदन पर जहाँ भी निसाजत लगा हो उसके अच्छे से दूर करे|

5. वुज़ू करना

आप वुजू करें जैसे नमाज़ पढ़ने से पहले वजू करते है वैसे ही वजू करे लेकिन अपने पाओ को ना धुलें। हाँ अगर आप किसी ऊँचे चीज पर बैठ कर Ghusl यानि नहा रहें है तो आप अपने पाओ को भी धूल सकते है|

6. पूरे बदन पर पानी मलना

उसके बाद पुरे बदन Body पर पानी को मलना यानि के हम अपने बदन पर जैसे तेल Oil को मलते है उसी तरह पानी से भी मलें ख़ास कर सर्दियों के महीने में ऐसा जरूर करें|

7. दाहिने कंधे पर पानी बहाना

फिर आप तीन बार अपने दाहिने कंधे पर बानी डाले बहाएं|

8. बायें कंधे पर पानी बहाना

फिर आप तीन बार अपने बाएं कंधे पर पानी डाले बहाएं|

9. पूरे बदन पर पानी बहाना

फिर आप सर और पुरे बदन पर तीन बार पानी बहाएं यानि के डालें |

10. पाँव धोना

पाओं को धोएं अगर अपने वजू बनाते वक़्त अपने पाओं को नहीं धुले थे तो थोड़ा सा पीछे हट कर अपने पाओं को धूल लें अच्छे से |

11. पूरे बदन पर हाथ फेरना

फिर आप अपने बदन को साबुन से मलें या साबुन नहीं है तो अच्छे से हांथो से मल्ल लें|

gusl ka tarika ऊपर दिये गये तरीक़े से ग़ुस्ल करने पर मुकम्मल पाकी हासिल हो जाती है लेकिन अगर ग़ुस्ल में कुछ मुस्तहब अमल भी किये जायें तो इसके सवाब को और बढ़ाया जा सकता है।

ग़ुस्ल के मुस्ताहिबात

  • ज़ुबान से नीयत करना।
  • नहाते में क़िबले की तरफ़ रुख़ न करना जबकि कपड़े पहने न हों।
  • ऐसी जगह नहाना कि किसी की नज़र न पड़े।
  • मर्द खुली जगह पर नहाए तो नाफ़ से घुटने तक का जिस्म पर कोई कपड़ा या तहबंद बाँधकर नहाए जबकि औरत का खुली जगह पर नहाना सही नहीं है।
  • ग़ुस्ल में किसी तरह की बात न करना और न ही कोई दुआ पढ़ना।
  • नहाने के बाद तौलिया या रूमाल से बदन पोंछना।
  • सारे बदन पर तरतीब से पानी बहाना।

Ghusl ki Dua in Hindi – ग़ुस्ल की दुआ

दोस्तों Ghusl ki Dua को लेकर लोगो में बहुत Doubt होता है की आखिर कार Ghusl ki Dua क्या होती है और लोगो हमेसा Ghusl ki Dua इधर-उधर ढूंढ़ते रहते है जैसे की , After Period Ghusl ki Dua, Humbistari ke baad ki dua, औरतो के लिए ग़ुस्ल की दुआ , मर्दो के लिए ग़ुस्ल की दुआ लेकिन आज मैं आपको एक बात साफ़-साफ बताना चाहूंगा की Ghusl ki Dua होती ही नहीं है , सिर्फ ग़ुस्ल का सुन्नत तरीका होता है

जिसे मैंने ऊपर अच्छे से समझाया है , आप किसी के भी बातो में न आए बहुत सारे लोग ग़ुस्ल की गलत सही दुआ बताते है पर ऐसा कुछ है ही नहीं मैंने कई मौलान से बात करने के बाद यह आर्टिकल लिखा है |

Ghusl ki dua in hindi

ग़ुस्ल कब ज़रूरी होता है?

4 चीज़ों के बाद ग़ुस्ल ज़रूरी होता है:

जीना (Sex) के बाद : सेक्स के बाद ग़ुस्ल ज़रूरी हो जाता है, यानि बगैर ग़ुस्ल के आप नमाज़ या क़ुरान नहीं पढ़ सकते। सेक्स या मणि निकलना ज़रूरी नहीं है अगर थोड़ा भी मणि हुआ हो तब भी ग़ुस्ल ज़रूरी है।

मणि का निकलना या Nightfall के बाद: सोने की हालत में मणि के निकलने से भी ग़ुस्ल ज़रूरी हो जाता है, चाहे सो रहे हो या जाग रहे हो, मर्द और औरत दोने के लिए यही हुक्म है ग़ुस्ल करना।

After Period of Women (हैज़ के बाद): जिन चीज़ों से ग़ुस्ल वाजिब होता है उनमे से तीसरी चीज़ औरत का पीरियड है, जब औरत अपने पीरियड से फ़ारिग़ हो जाए तो उसे ग़ुस्ल कर लेना चाहिए , फिर नमाज़ और क़ुरान स्टार्ट करे।

निफ़ास के खत्म होने के बाद: बच्चा पैदा होने के बाद औरत को जितने दिन ब्लीडिंग होता है उसे निफ़ास कहते है। रोज़ा, नमाज़, क़ुरान वगैरह के बारे में निफ़ास वाली औरत को वही मसाएल है जो पीरियड वाली औरत के लिए है।

निफ़ास की कम से कम time के बारे कुछ कहना मुश्किल है, क्युकी हो सकता है की किसी औरत को बच्चा पैदा हो और ब्लीडिंग बिलकुल भी न हो, लेकिन उसका time ज्यादा से ज़्यादा 40 दिन होता है फिर उसके बाद औरत के लिए ग़ुस्ल करके नमाज़ पढ़ना ज़रूरी है।

Ghusl ki Dua Tarika Related Questions (FAQs)

Ghusl Me Kitne Farz hai?

ग़ुस्ल 3 फ़र्ज़ हैं: (1) कुल्ली करना. (2) नाक में पानी डालना. (3) पूरे बॉडी पर एक बार पानी डालने की कोई पार्ट द्राय या ख़ुश्क न रह जाये.

ग़ुस्ल के बाद body का कुछ हिस्सा बाकी रह जाए तो क्या करे ?

ग़ुस्ल करने के बाद अगर यह मालूम हो जाये कि मेरे जिस्म का कोई पार्ट अभी नहीं भिगा है तो ग़ुस्ल फिर से करना पड़ेगा।

ग़ुस्ल किसे कहते कहते हैं?

ग़ुस्ल अरबी भाषा है जिस की मीनिंग बाथ या नहाने, वही बात जो हम everday करते हैं.

क्या गुस्ल के बाद वुजू की ज़रुरत है?

अगर आपने ऊपर बताये गए सुन्नत तरीके के मुताबिक़ पहले वुजू किया फिर गुस्ल किया या अगर वुजू नहीं किया सिर्फ गुस्ल ही किया तो अब बाद में वुजू की ज़रुरत नहीं है इसलिए कि जिस्म के तमाम हिस्से को पाकी हासिल हो गयी |

गुस्ल खाने में पेशाब करना कैसा है?

गुस्ल खाना अगर कच्चा है और उस में पानी जमा हो जाता है तो वहां पेशाब मकरूह तहरीमी ( हराम के क़रीब ) है और हदीस मुबारक में है कि अगर कोई गुस्ल खाने में पेशाब करता है तो उसे भूलने और वस्वसों का मर्ज़ हो सकता है इसलिए इससे बचना चाहिए |

नंगे गुस्ल करना कैसा है?

अगर ऐसी जगह गुस्ल कर रहे हैं जहाँ किसी की नज़र नहीं पड़ती है तो नंगे गुस्ल करना दुरुस्त है लेकिन फिर भी बेहतर यही है कि तहबन्द वगैरा बाँध कर ही गुस्ल करे  |

Conclusion

मुझे उम्मीद है की आपको हमारा ghusl karne ka tarika और ghusl ki dua आर्टिकल पसंद आया होगा और आपके मन में ग़ुस्ल से संबंधित जितने भी सवाल होंगे आपको उन सारे सवालो का जवाब मिल गया होगा लेकिन फिर भी अगर आप ghusl ki dua इससे जुडी कोई और बात जानना चाहते है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है मैं आपको उसके बारे में जरूर बताऊंगा और मुझे आपकी मदद करके काफी अच्छा लगेगा |

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