99 Names of Allah in Hindi | अल्लाह के 99 नाम

99 Names of Allah in Hindi के नामों के बारे में बुज़ुर्गों ने कहा है कि अल्लाह-तआला के तीन हज़ार नाम हैं । एक हज़ार अल्लाह के सिवा कोई नहीं जानता और एक हज़ार वह जो फरिश्तों के अलावा कोई नहीं जानता और एक हज़ार वे हैं जो पैगम्बरों से हम तक पहुंचे हैं जिनमे से तीन सौ तौरेत में, तीन सौ ज़बूर में, तीन सौ इंजील में और एक सौ क़ुरआन में दिए गए है।

मशहूर है कि क़ुरआन में 99 Names ऐसे है जो सब पर ज़ाहिर है और एक नाम ऐसा है जो रहस्य रखा है जो ‘Ism-e-Azam’ है । मुख़्तलिफ़ साहब-ए-कराम ने इस ‘Ism-e-Azam’ के जो संकेत दिए है वह किसी एक नाम से नहीं है। भिन्न भिन्न नामों को Ism-e-Azam बताया गया है जिससे इस निर्णय पर पहुचना सरल है की हर नाम ‘Ism-e-Azam’ है और हर नाम किसी की ज़ात से सम्बन्ध होकर वह नाम उसके लिए ‘Ism-e-Azam’ का काम देता है।

इस्लाम में ईमान (विश्वास) का पहला आधार अल्लाह में विश्वास है। मुसलमानों के रूप में, हम अल्लाह में उसके सुंदर नामों और विशेषताओं के अनुसार विश्वास करते हैं। अल्लाह ने पवित्र कुरान में अपने नाम बार-बार ज़ाहिर किए हैं, मुख्य रूप से हमें यह समझने के लिए कि वह कौन है। अल्लाह के नाम सीखने और याद रखने से हमें उस पर विश्वास करने के सही तरीके की पहचान करने में मदद मिलेगी। अल्लाह के नामों को समझने और उनके अनुसार जीने से ज्यादा पवित्र और सौभाग्यशाली कुछ भी नहीं है। हम अपने अल्लाह, सर्वशक्तिमान अल्लाह की इबादत, प्यार, डर और भरोसा करने की उम्मीद कैसे करते हैं, अगर हम नहीं जानते कि वह कौन है?

कुराने मजीद में अल्लाह तआला के नामों ( 99 Names Of Allah ) को अस्माए हुसना यानी सबसे अच्छे नाम कहा गया है इन नामों के शुरू में अब्द ,उबैद अता ,या आखिर में मुनासिब लफ़ज़ को जोड़ देना चाहिए जैसे अब्दुल्लाह, उबैदुर्रहमान, अताऊल बारी वगैरह

इसलिए जब भी किसी बच्चे का नाम रखने की बारी आए तो सब से पहले अल्लाह के इन अच्छे नामों पर ध्यान दें और ऐसे ही नाम रखें ताकि इन के असरात भी बच्चे पर अच्छे पड़ें और हदीस में इन नामों के याद करने पर जन्नत का वादा भी बताया गया है.

99 Names of Allah in Hindi List – Meaning and Explanation

#1 Ar Rahmaan

الرَّحْمَنُ
AR-RAHMAAN
(बहुत महेरबान)

अल्लाह का ये नाम अल्लाह के अपनी मखलूक़ के लिए कुशादा रहमत वाला होने पर दलील देता है, जिस की रहमत तमाम मखलोक़ात को शामिल है, और ये नाम अल्लाह तआला के लिए खास है।

#2 Ar Raheem

الرَّحِيمُ
AR-RAHEEM
(निहायत रहम वाला)

वो ज़ात के जो आपके मोमिन बन्दे पर बारोज़-ए-क़यामत रहम करने वाला है, और उसे बख्शने वाला है, चुनंचे अल्लाह ने अपनी इबादत की तौफ़ीक़ बख़्शी, और आख़िरत में अपनी इबादत से सिले जन्नत में दाखिल करके इन्हे इज्ज़त अता करेगा।

#3 Al Malik

الْمَلِكُ
AL-MALIK
(बादशाह)

अल्लाह ता’अला हक़ीक़त बादशाह है और उसी को ये हक़ है के वो जिस काम को चाहे अपने बन्दों को हुक्म करे और जिस काम को चाहे बन्दों को मना करे, वो अपने हुक्म से अपनी मख़लूक़ात में तसर्रुफ़ करता है।

#4 Al Quddus

الْقُدُّوسُ
AL-QUDDUS
(पाक ज़ात)

अल्लाह वो है के जो हर अयब और नुक्सान से बिलकुल पाक है।

#5 As Salam

السَّلاَمُ
AS-SALAM
(सलामती वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी बे-मिसाल जात अपने बुलंद औसाफ और अपने खूबसूरत नाम और अपने तमाम उम्दाह कामो में सलामती वाला है और दुनिया वा आखिरत की हर सलामती अल्लाह ही की मिल्कियत है और तमाम मखलोक़ात को हर चीज़ से महफूज़ वा सलामत रखने वाला है जो मखलूक़ को नुक़सान पहुँचाने वाली है।

#6 Al Mu’min

الْمُؤْمِنُ
AL-MU’MIN
(अमन देने वाला)

अल्लाह वो है जो अपने रसूलों और में के पैरो कारों की सच्चाई और इनकी सदाकत पर दलालत करने वाला दलील वा हुज्जतों की तस्दीक करने वाला है, और हर तरह का अमन भी इन्हें अल्लाह ही की जानिब से मिलता है। अल्लाह ने अपने ईमान वाले बंदो को इस बात की जमानत दी है के वो इनपर जरा बराबर भी ज़ुल्म न करेगा, इनहे अज़ाब ना दूंगा, और ना बरोज़-ए-कयामत में कोई घबराहत वा परशानी की कैफ़ियात होगी।

#7 Al Muhaymin

الْمُهَيْمِنُ
AL-MUHAYMIN
(निगरानी करने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी तमाम मखलूक की अकेले ही निगरानी और हर एक की कमाल ए दारजे हिफाजत करने वाला

#8 Al Aziz

الْعَزِيزُ
AL-AZIZ
(ग़ालिब)

अल्लाह वो है की सारी इज्जत इसके लाएक हैं और वही इसके अकेले मुस्तहीक भी हैं, वो जिसे चाहे इज्जत दे, अल्लाह को क़ुव्वत की इज़्ज़त हासिल है, के कोई मख़लूक़ भी अल्लाह पर ग़लबा नहीं पा सकती, अल्लाह किसी का मोहताज नहीं है, कुव्वत वा गल्बे की इज्जत हासिल है के कोई चीज भी अल्लाह की इज्ज़त के बग़ैर ना कुछ कर सकती है और ना ही कुछ कह सकती है।

#9 Al Jabbar

الْجَبَّارُ
AL-JABBAR
(ज़बरदस्त)

अल्लाह वो है के जिस का हर इरादा वा चाहत नफीज होने वाली है, तमाम मख्लुकात अल्लाह ही के मोहताज हैं, अल्लाह के हुकुम के आगे बिलकुल बेबस व लाचार, अल्लाह ता’अला हर शिकस्त ए दिल को जोडने वाला है, फकीर को घनी करने वाला है, नेज़ मरीज़ को शिफ़ा याबी और मुसीबत ज़दा को राहत वा सलामती अता करने वाला है।

#10 Al Mutakabbir

الْمُتَكَبِّرُ
AL-MUTAKABBIR
(बड़ाई वाला)

अल्लाह अज़ीम है और अपनी तमाम बातों और कामों में बुराई से, नक़्स खामी से भूल चुक से नींद से कमज़ूरी वा बेबसी से कोसों दूर है, अपनी किसी भी मखलूक पर अदना तरीन ज़ुल्म करने से बहुत बुलंद है अपनी मखलूक पर पूरा कबू रखने वाला है, मखलूक में से अगर कोई बडाई की सिफत को अल्लाह से छीनने की जुर्रत करेगा तो अल्लाह इसके टुकड़े कर देगा और इसे अज़ाब देगा।

#11 Al Khaaliq

الْخَالِقُ
AL-KHAALIQ
(पैदा करने वाला)

अल्लाह ता’अला वो है के जिन्होन अपनी सारी मखलूक को अकेले ही सिर्फ 6 दिनो में पैदा फरमा दिया।

#12 Al Baari

الْبَارِئُ
AL-BAARI
(जान डालने वाला)

अल्लाह वो है के जो बगैर किसी मिसाल के जिस मखलूक को जैसा चाहा बनाने वाले और उसके वजूद का इजहार करने वाला है।

#13 Al Musawwir

الْمُصَوِّرُ
AL-MUSAWWIR
(सूरतें बनाने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी मखलूक में से हर एक को इसकी मुनसिब हाल सूरत वा शकल अता करने वाला है।

#14 Al Ghaffaar

الْغَفَّارُ
AL-GHAFFAAR
(बख्शने वाला)

वो गुनाहों की मुआफ़ी चाहने वाला गुनाहगार को मुआफ़ कर देता।

#15 Al Qahhar

الْقَهَّارُ
AL-QAHHAR
(सब को अपने काबू में रखने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपने बंदो का कमाल ए दरजा अपने काबू में रखने वाला और उनमें अपने फरमान का ताबे ‘करने वाला है, तमा’म मखलूक को अपनी बंदगी पर लगान वाला, ऐसे ज़बरदस्त घल्बे वाला है के तमाम की गर्दन अल्लाह के सामने झुकी हुई और तमाम चेहरे अल्लाह के ताबे हैं।

#16 Al Wahhab

الْوَهَّابُ
AL-WAHHAB
(बहुत अता करने वाला)

वह जो बिना किसी प्रतिफल के बहुत कुछ देने में उदार है। वह सब कुछ है जो हलाल या हराम को फायदा पहुंचाता है।

#17 Ar Razzaq

الرَّزَّاقُ
AR-RAZZAQ
(रिजक देने वाला)

ये अल्लाह का एक ऐसा नाम है जो अल्लाह के अपनी तमाम मखलोक़ात को रोज़ी फरहेम करने वाला होने पर दलालत करता है, अल्लाह के रोज़ी फराहम करने का अंदाज़ इस दरजे उम्दाह और बे-मिसाल है के, मखलूक के मांगे बगैर ही इन्हें रोजियां आता करता है, बालक मखलूक की न फरमानियां और गुनाहों के बा-वजूद इन्हें आता करता है।

#18 Al Fattah

الْفَتَّاحُ
AL-FATTAH
(खोलने वाला)

खोलने वाला मालिक, राहत देने वाला, न्यायाधीश, वह जो अपने दासों के लिए बंद दुनिया और धार्मिक मामलों को खोलता है।

#19 Al Alim

اَلْعَلِيْمُ
AL-ALIM
(खूब जानने वाला)

अल्लाह वो है के जिस के इल्म ने ज़हीर वा बातिन, पोशिदा वा आलानिया हर चीज़ का घेराव कर रखा है, और अल्लाह पर तमाम मखलोक़ात में से कोई एक भी चीज़ छिपी हुई नहीं हूँ।

#20 Al Qaabid

الْقَابِضُ
AL-QAABID
(नपी तुली रोज़ी देने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी मखलूक की रूह को कब्ज़ करता है, और वही अपनी ज़बरदस्त हिकमत वा खुदरथ के मुताबिक आजमाने के लिए मखलूक में जिस किसी को चाहे रिजक को रोकने वाले हैं।

#21 Al Basit

الْبَاسِطُ
AL-BASIT
(रोज़ी को फराख देने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी रहमत से अपने बंदो में जिस की चाहे रोज़ी में फ़राख़ी करता है, और अपनी हिकमत के मुताबिक (इस रोज़ी को पर तांग कर के) अपने गुनाहगार बंदो की तौबा को क़ुबूल करने के लिए अपने दोनो हाथ फैलाता है।

#22 Al Khaafid

الْخَافِضُ
AL-KHAAFID
(पस्त करने वाला)

वह जो अपने विनाश के द्वारा जिसे चाहता है उसे निचे करता है और वह जिसे अपने बंदोबस्ती से उसे ऊँचा उठाता है।

#23 Ar Rafi

الرَّافِعُ
AR-RAFI
(बलंद करने वाला)

अल्लाह वो है के जो लोगों के यहाँ कमज़ोर वा आजिज़ समझे जाने वाला इमानदार बंदो को सरबुलंदी और बालादस्ति अता करने वाला है।

#24 Al Muizz

الْمُعِزُّ
AL-MU’IZZ
(इज्ज़त देने वाला)

वह जिसे चाहता है उसे सम्मान देता है, इसलिए उसे नीचा दिखाने वाला कोई नहीं है, और वह जिसे चाहता है उसे नीचा करता है, इसलिए उसे सम्मान देने वाला कोई नहीं है।

#25 Al Muzil

المُذِلُّ
AL-MUZIL
(ज़िल्लत देने वाला)

अपमान करने वाला, वह जिसे चाहता है उसे सम्मान देता है, इसलिए उसे नीचा दिखाने वाला कोई नहीं है, और वह जिसे चाहता है उसे नीचा दिखाता है, इसलिए उसे सम्मान देने वाला कोई नहीं है।

#26 As Sami’

السَّمِيعُ
AS-SAMI’
(सब कुछ सुनने वाला)

सुनने वाला, वह जो बिना कान, यंत्र या अंग के उन सभी बातों को सुनता है जो उसके मखलूक द्वारा सुनी जाती हैं।

#27 Al Baseer

الْبَصِيرُ
AL-BASEER
(सब कुछ देखने वाला)

अल्लाह वो है के जिस की निगाह ने कायनात की पोशिदा और ज़हीर तमाम मौजूदात का घेराव कर रखा है, चाहे कितनी ही मक्फी तर या ज़ाहिर हो, नेज़ वो मकलूक़ चाहे कितनी ही छोटी या बड़ी हो।

#28 Al Hakam

الْحَكَمُ
AL-HAKAM
(फैसला करने वाला)

वो है के जो अपनी मखलूक के दरमियान निहायत अदल वा इंसाफ से फैसल फरमाता हैं, इनमे से किसी एक पर भी अदना तरीन ज़ुल्म नहीं करता, अल्लाह ही ने अपनी किताब नज़िल फरमाई ताकि वो लोगों के दरमियान फैसला कर सके।

#29 Al ADL

الْعَدْلُ
AL-ADL
(अदल करने वाला)

अल्लाह ही हकीकी बादशाह है के जो अपने तमाम बातो और कामों में अदल वा इंसाफ करने वाला शहंशाह है।

#30 Al Lateef

اللَّطِيفُ
AL-LATEEF
(सूक्ष्मताओं का ज्ञाता)

अल्लाह वो है के जो अपनी बनाए कायनात की तमाम मखलोक़ात की सभी बारिकियों को बा-खुबी जाने वाला है, लोगों से छुपा हुआ कोई भी मामला अल्लाह से छुपा हुआ नहीं है।

#31 Al Khabeer

الْخَبِيرُ
AL-KHABEER
(सब से बाखबर)

अल्लाह ही हकीकी बादशाह है के जो अपने तमाम बातो और कामों में अदल वा इंसाफ करने वाला शहंशाह है।

#32 Al Haleem

الْحَلِيمُ
AL-HALEEM
(निहायत बुरदबार)

अल्लाह वो है के जो अपनी बनाए कायनात की तमाम मखलोक़ात की सभी बारिकियों को बा-खुबी जाने वाला है, लोगों से छुपा हुआ कोई भी मामला अल्लाह से छुपा हुआ नहीं है।

#33 Al Azeem

الْعَظِيمُ
AL-AZEEM
(शानदार)

अल्लाह ही हकीकी बादशाह है के जो अपने तमाम बातो और कामों में अदल वा इंसाफ करने वाला शहंशाह है।

#34 Al Ghafoor

ٱلْغَفُورُ
AL-GHAFOOR
(गुनाहों को बख्शने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी बनाए कायनात की तमाम मखलोक़ात की सभी बारिकियों को बा-खुबी जाने वाला है, लोगों से छुपा हुआ कोई भी मामला अल्लाह से छुपा हुआ नहीं है।

अल ग़फूर के फायदे और वजीफा क्या है?

benefits of reciting Al Ghafoor

  • कोई भी आदमी अगर इस नाम की तस्बीह पढ़ता है तो इंशाअल्लाह रोहानी और जिस्मानी बीमारियों से और बुरे अखलाक़ से महफ़ूज़ रहेगा और माल औलाद में बरकत होगी.
  • किसी भी तरह की बीमारी हो इस नाम को लिख कर धोकर पिलाए खुदा की मेहरबानी से ठीक हो जाएगा इस नाम के मायने हैं मग़फ़िरत और माफी प्रदान करने वाला.
  • इसलिए इस नाम की बरकत से अपनी ख़ताये बख्शवाने के लिए हर नमाज़ के बाद अनगिनत बार पढ़ना चाहिए!
  • सर दर्द हो तो 3 बार कागज़ पर लिखकर कागज की गीली स्याही रोटी के टुकड़े पर छाप कर खा लेने से आराम मिलेगा!
  • जो इस नाम को खूब पढ़ेगा वो बुरे अखलाक़, रोहानी और जिस्मानी बीमारियों से महफूज़ रहेगा उसके माल और औलाद में बरकत होगी

#35 Ash Shakur

الشَّكُورُ
ASH-SHAKUR
(सबसे सराहनीय)

अल्लाह ही हकीकी बादशाह है के जो अपने तमाम बातो और कामों में अदल वा इंसाफ करने वाला शहंशाह है।

#36 Al Aliyy

الْعَلِيُّ
AL-ALIYY
(सबसे ऊंचा, सबसे बुलंद)

अल्लाह वो है के जो अपनी बनाए कायनात की तमाम मखलोक़ात की सभी बारिकियों को बा-खुबी जाने वाला है, लोगों से छुपा हुआ कोई भी मामला अल्लाह से छुपा हुआ नहीं है।

अल अलिय्यु के फायदे और वजीफा क्या है?

  • इस नाम को जिस्म में मौजूद कोई वरम यानि सूजन पर तीन बार पढ़ कर दम कर दिया जाये तो इंशाअल्लाह राहत मिलेगी
  • इस नाम को हमेशा पढ़े सारे आलम की निगाहों में बुजुर्गी व महानता पाएगा इस नाम के मायने हैं बुलंदी वाला इस हिसाब से पढ़ने वालों को अल्लाह महानता व बुलंदी प्रदान करता है
  • हमेशा नमाज़ के बाद पढ़ने से दर्जा और इज्जत बढ़ती है, जो शख्स इस नाम पाक को 115 बार रोज़ाना पढ़े समाज में इज्जत हासिल हो और सफर में पढ़े तो इंशाअल्लाह सफर से बा-खैरियत वापसी हो!
  • अगर इसे 110 बार पढ़ेगा तो मालदार हो जायेगा और दुनिया में इज्ज़त पायेगा

#37 Al Kabeer

الْكَبِيرُ
AL-KABEER
(बहुत बड़ा)

अल्लाह ही हकीकी बादशाह है के जो अपने तमाम बातो और कामों में अदल वा इंसाफ करने वाला शहंशाह है।

अल कबीर के फायदे और वजीफा क्या है?

benefits of reciting Al Kabeer

  • ये नाम खाने की किसी चीज़ पर पढ़ कर दम कर दिया जाये और उसे मियां बीवी को खिलाया जाये तो इंशाअल्लाह आपस में मुहब्बत बढ़ेगी
  • इस नाम के मायने हैं बढ़ाई और महानता इस पाक नाम को हमेशा पढ़ने वाला दीन और दुनिया में महानता बुजुर्गी पाता है और उसकी सारी जरूरतें पूरी होती है!
  • जो इसे 9 बार किसी बीमार पर पढ़ कर दम करे तो तो इंशाअल्लाह बीमार तंदुरुस्त होगा

#38 Al Hafiz

الْحَفِيظُ
AL-HAFIZ
(निगेहबान)

अल्लाह वो है के जो अपनी बनाए कायनात की तमाम मखलोक़ात की सभी बारिकियों को बा-खुबी जाने वाला है, लोगों से छुपा हुआ कोई भी मामला अल्लाह से छुपा हुआ नहीं है।

#39 Al Muqeet

المُقيِت
AL-MUQEET
(सब को रोज़ी व तवानाई देने वाला)

अल्लाह ही हकीकी बादशाह है के जो अपने तमाम बातो और कामों में अदल वा इंसाफ करने वाला शहंशाह है।

#40 Al Haseeb

الْحسِيبُ
AL-HASEEB
(काफी)

अल्लाह वो है के जो अपनी बनाए कायनात की तमाम मखलोक़ात की सभी बारिकियों को बा-खुबी जाने वाला है, लोगों से छुपा हुआ कोई भी मामला अल्लाह से छुपा हुआ नहीं है।

#41 Al Jaleel

الْجَلِيلُ
Al-Jaleel
(आलीशान)

अल्लाह वो है की इसकी शान बड़ी ऊंची और निराली है।

अल जलील के फायदे और वजीफा क्या है?

  • अगर कोई शख्स इस नाम को अपने घर की या दुकान की चीज़ों पर दस बार पढ़ कर दम करें इंशाअल्लाह चोरी से महफ़ूज़ हो जाएँगी
  • इस मुबारक नाम को मुश्क़ व ज़ाफ़रान से कागज़ पर लिखकर साथ रखें, कोई मुसीबत पेश ना आएगी और सारे मामले अच्छी तरह पेश आएंगे, 10 बार पढ़कर कीसी भी माल व रक़म वगैरह पर दम करदे इन्शा अल्लाह वो माल चोरी से महफूज़ रहेगा
  • जो इस नाम को 73 बार रोजाना पढ़ा करे इंशाअल्लाह इज्ज़त और वक़ार वाला होगा

#42 Al Karim

الْكَرِيمُ
AL-KARIM
(बेइंतिहा करम करने वाला)

अल्लाह वो है के जो बहुत ज्यादा खैर और अज़ीम एहसान अता करने वाला, जिसे जो चाहे, जैसे चाहे, मांगे और बिन मांगे अता करने वाला है, और (गुनहगारों को) अपने गुनाहों की माफ़ी मांगने पर मु’आफ करने वाला, और इनके एबो पर पर्दा डाल कर इन्हें छुपा देने वाला है।

#43 Ar Raqib

الرَّقِيبُ
AR-RAQIB
(निगेहबान)

पहरेदार, वह जो उसके पास से कुछ भी अनुपस्थित नहीं है। अत: इसका अर्थ ज्ञान के गुण से जुड़ा है।

अर रकीब के फायदे और वजीफा क्या है?

benefits of reciting Ar Raqib

  • अल्लाह के इस नाम को अपनी बीवी बच्चे या माल पर 70 बार पढ़ कर दम करे तो इंशाअल्लाह जिन्नात दुश्मनों, और आफर्तों से महफ़ूज़ जायेंगे
  • रोज़ाना 7 मर्तबा पढ़कर अपने बीवी बच्चो और अपने खुद पर दम करने से सब आफत और बालाओ से बचा रहेगा
  • अगर कोई औरत पेट से हो और उसको बच्चा गिर जाने का ख़तरा हो तो 7 बार ये नाम पढ़ना बहुत फ़ायदेमंद हैं
  • सफ़र में जाते वक़्त अपने औलाद या खानदान में से किसी को कोई ख़तरा या फ़िक्र हो तो उसकी गर्दन पर हाथ रख कर 7 बार ये नाम पढ़े, इंशाअल्लाह वो महफ़ूज़ रहेगा
  • जो फोड़े या फुन्सी पर 3 बार ये नाम पढ़ कर फूंके तो इंशाअल्लाह शिफ़ा हासिल होगी अगर किसी को अपना माल अस्बाब (जैसे गाड़ी वगैरा) कहीं छोडनी पड़ जाये तो छोड़ते वक़्त इस नाम को पढ़ ले इंशाअल्लाह चोरी से हिफ़ाज़त रहेगी (तजरिबा किया हुआ है)

#44 Al Mujeeb

الْمُجِيبُ
Al-Mujeeb
(दुआएं सुनने और कुबूल करने वाला)

सुनने वाला, वह जो जरूरतमंद को जवाब देता है अगर वह उससे पूछता है और अगर वह उसे बुलाता है तो उसे बचाता है।

#45 Al Waasi’

الْوَاسِعُ
AL-WAASI’
(फराखी देने वाला)

अल्लाह वो है के जिन्की सिफत बहुत ज्यादा है, किसी भी मखलूक के बस की ये बात नहीं के वो अल्लाह की कामहक्ख तारीफ कर सके, अल्लाह की अजमत वा सल्तनत सब पर वासी है, अल्लाह मघफिरत व रहमत और फज़ल व एहसान बहुत आम है।

अल वासिय के फायदे और वजीफा क्या है?

  • अगर किसी को बिच्छू ने डंक मार दिया हो उसे चाहिए कि इस नाम को सत्तर बार पढ़ कर दम कर दे इंशाअल्लाह ज़हर असर नहीं करेगा
  • इस नामे पाक को पढ़ने वाले को क़नाअत व बरक़त हासिल होगी
  • जो इस नाम को पढने का रूटीन बना ले वो मुफ़लिस नहीं रहेगा

#46 Al Hakeem

الْحَكِيمُ
Al-Hakeem
(हिकमत वाला)

अल्लाह वो है के जो तमाम मखलोक़ात को इनकी लायक़ जगह पर रखने वाला है, और अल्लाह की तड़बीर में किसी क़िस्म की ख़लल और कमज़ोरी नहीं होती।

अल हकीम के फायदे और वजीफा क्या है?

  • जिसके हर काम में कोई न कोई रुकावट आ जाती हो तो वो इस नाम की तस्बीह पाबंदी से करे इंशाअल्लाह काम में रुकावट नहीं रहेगी
  • जो शख्स “या हकीमु” की तस्बीह खूब पढ़ा करे तो अल्लाह त आला उस पर इल्म व हिकमत के दरवाज़े खोल देंगे
  • जिस किसी को भी कोई सख्त हाज़त पेश आये इस नाम पाक को हमेशा पढ़े! पूरी होगी इंशा अल्लाह
  • जो खूब या हकीमु पढ़ा करे तो अल्लाह उस पर इल्म व हिकमत के दरवाज़े खोल देंगे
  • जो ज़ोहर के बाद ये नाम 90 बार पढ़ा करे वो तमाम मख्लूक़ में मुमताज़ हो जायेगा

#47 Al Wadud

الْوَدُودُ
Al-Wadud
(मुहब्बत करने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपने पसंददीदा फरमा’बरदार बंदो से मोहब्बत का इज़हार करने वाला है, फिर इनसे राज़ी होने वाला है, और इनके माल-ए-सालेहा को क़ुबूल करने वाला है, और ज़मीन में इन्हें अपने दूसरे बंदो के नज़दीक पसंददीदा बना देने वाला है।

#48 Al Majeed

الْمَجِيدُ
Al-Majeed
(बड़ी शान वाला)

अल्लाह वो है के जिसके लायक ज़मीन वा आसमान का हर फ़क़र वा इज्जत और रफ़ात है।

अल मजीद के फायदे और वजीफा क्या है?

  • अगर कोई ऐसे मर्ज़ में मुब्तिला हो जो बहत तकलीफ़ द ह हो तो उसे चाहिए कि चाँद की तेरह, चौदह और पन्द्रह तारीख़ के रोज़े रखे और इफ़्तार करने के बाद अल्लाह के इस नाम को खूब पढ़ा करे इंशाअल्लाह उस मर्ज़ शिफ़ा मिल जाएगी
  • जो शख्स लोगो की नज़र में बे इज्जत हो सुबह के वक़्त 99 मर्तबा इस नामे पाक को पढ़े इंशाअल्लाह मोअज़्ज़म व मुक़र्रम हो यानी इज्जतवाला हो!
  • जो किसी तकलीफ़ द ह मर्ज़ में परेशान हो वो चाँद की 13, 14, 15 तारीख़ को रोज़े रखे और इफ़्तार के बाद इस नाम को पढ़ा करे और पानी पर दम कर के पिए इंशाअल्लाह मर्ज़ दूर हो जायेगा

#49 Al Ba’ith

الْبَاعِثُ
AL-BA’ITH
(उठाने वाला)

अल्लाह वो है के जो बा-रोज़ क़यामत तमाम बंदो को इसकी क़ब्रों से उठा कर मैदान हैश में जजा वा सज़ा के लिए जमा करने वाले हैं।

अल बाइस के फायदे और वजीफा क्या है?

  • अगर कोई शख्स रोज़ाना सोते वक़्त सीने पर हाथ रखे और फिर एक सौ एक बार या बाइसु पढ़े इंशाअल्लाह उसका दिल इल्म और हिकमत से ज़िन्दा हो जायेगा
  • जो शख्स इस नामे पाक को 201 मर्तबा सीने पर हाथ रखकर पढ़ेगा उसका दिल ईमान के नूर से मुनव्वर हो जाएगा
  • जो रोज़ाना सोते वक़्त सीने पर हाथ कर 100 बार या बा इसु पढ़ा करे इंशाअल्लाह उसका दिल इल्म हिकमत से ज़िन्दा हो जायेगा
  • जो इस नाम को रोज़ाना 100 बार पढ़ने का रूटीन बना ले उस से इंशाअल्लाह नेकियाँ होंगी और बुराइयों से महफूज़ रहेगा
  • जो इस नाम को पढ़ता रहेगा तो अल्लाह का डर उसपर ग़ालिब रहेगा

#50 Ash Shaheed

الشَّهِيدُ
ASH-SHAHEED
(हाज़िर)

गवाही, वह जो उसके पास से कुछ भी गैर हाजिर नहीं है।

अश शहीद नाम के फायदे

  • अगर किसी कि औलाद या किसी की बीवी नाफरमान हो गयी हो उसे चाहिए कि सुबह के वक़्त उसके माथे पर (पेशानी) हाथ रख कर “या शहीदु” इक्कीस बार पढ़ कर उस पर दम कर दे इंशाअल्लाह दोनों फरमा बरदार हो जायेंगे
  • इस नाम पाक के मायने हैं हाजिर अल्लाह हर जगह मौजूद है अल्लाह के इस नाम को अगर कैदी पड़ा करें तो रिहाई अमल में आएगी बे औलाद पढ़ा करें तो औलाद होगी
  • इस पाक नाम को एक कागज के चार कोनों पर लिखें और बीच में किसी खोई हुई चीज का नाम लिखें तो वह चीज मिल जाएगी
  • जिस किसी के बच्चे नाफरमान हो वो सुबह के वक़्त यानी फज़र के वक़्त उस बच्चे की पेशानी पर हाथ रखकर और आसमान की तरफ मुँह करके 21 बार पढ़े अल्लाह उन्हें नेक कर देगा!

#51 Al Haqq

الْحَقُّ
AL-HAQQ
(सच्चा मालिक)

अल्लाह तो वो है के जिनकी बा-बरकत ज़ात, ख़ूबसूरत अस्मा वा बुलंद सिफ़ात और मबूद-ए-यकता होने में कोई शक नहीं है.

अल हक्क नाम के फायदे

  • जो शख्स मुश्किलों से परेशान हो वो सौ बार रोज़ाना ला इलाहा इल्ला हुवल हक्कुल मुबीन पढ़े इंशाअल्लाह उसकी मुश्किलें आसान हो जाएँगी और ग़रीबी व फ़क्र से नजात मिल जाएगी
  • जो शख्स कैद हो गया हो रात को सर खुला रखकर 108 मर्तबा पढ़कर अल्लाह से दुआ करे इंशाअल्लाह रिहाई नसीब हो!
  • जो रोज़ाना 1000 बार इस नाम को पढ़े उसके अखलाक़ अच्छे हो जायेंगे और उसकी तबीअत और मिज़ाज में सुधार आएगा

#52 Al Wakeel

الْوَكِيلُ
AL-WAKEEL
(काम बनाने वाला)

अल्लाह वो है के जिस ने अकेले ही तमाम जहानों की पैदाइश और इनकी तड़बीर की जिम्मेदारी ली है, अल्लाह ही पर तमाम मखलूक का भरोसा और एतमाद है। वो अकेले ही तमाम अहले ईमान के बहतरीन करसाज़ है, वो इमानदार (बंदे) के जिन्होन ने अल्लाह की तौफीक से अपने तमाम तर मालूमात अल्लाह के हवाला कर दिया।

अल वकील नाम के फायदे

  • अगर कोई बुरे कामों से न बच पा रहा हो तो दस बार ये नाम पढ़ कर अपने ऊपर दम कर लिया करे और अल्लाह के इस नाम को कागज़ पर लिख कर उसे पानी में दाल कर उसका पानी पिए इंशाअल्लाह बुराइयों से हिफ़ाज़त रहेगी
  • बिजली की कड़कते वक़्त आँधी तूफ़ान तेज बारिश के वक़्त या कही आग लग गयी हो इस नामे पाक को कसरत से पढ़ना चाहिए! इंशाअल्लाह हर आफत से नजात मिलेगी, इस नामे पाक को हमेशा पढ़ने से अल्लाह बिगड़े काम बना देता है!
  • जो किसी आसमानी आफ़त के वक़्त या वकीलु की तस्बीह पढ़ेगा और इस नाम को अपना वकील बना लेगा वो इंशाअल्लाह हर आफ़त से महफूज़ रहेगा

#53 Al Qawiyy

الْقَوِيُّ
AL-QAWIYY
(मजबूत)

अल्लाह वो ज़ात-ए-बा-बरकत है के जिसे कमल-ए-दरजे की मशियत के साथ साथ क़ुदरत मुतलक़ भी हासिल है।

अल क़विय्य के वजीफा क्या है?

  • अगर कोई रोज़ी और रिज्क में तंगी से बहत परेशान हो तो उसे चाहिए अल्लाह का ये नाम एक हज़ार बार पढ़े और उसके साथ ही क़ुर आन की ये आयत भी पढ़े अल्लाहु लातीफुम बि इबादिही यारज़ुकु मै यशाउ बिगैरी हिसाब तो इंशाअल्लाह रोज़ी और रिज्क के दरवाज़े उस पर खुल जायेंगे
  • अगर अल्लाह के इस नाम को कोई कम हिम्मत पढ़ेगा तो वो बा हिम्मत हो जायेगा और अगर कोई कमज़ोर पढ़ेगा तो वो ताक़तवर हो जायेगा
  • अगर इसे कम हिम्मत पढ़े तो बा हिम्मत हो जाये, अगर कमज़ोर पढ़े तो ताक़तवर हो जाये
  • जिसका रिज्क तंग हो वो 1000 बार ये नाम पढ़े और उसके साथ इस आयत को भी पढ़े “अल्लाहु लातीफुम बि इबादिही यारज़ुकु मै यशाउ वहुवल क़विय्युल अज़ीज़” इंशाअल्लाह खैर का दरवाज़ा उसके लिए खोल दिया जायेगा
  • जो इस नाम को खूब पढ़ेगा इंशाअल्लाह ताक़तवर होगा और जल्द ही किसी बड़े ओहदे तक पहुंचेगा

#54 Al Matin

المتين
AL-MATIN
(कुव्वत वाला)

अल्लाह वो ज़ात ए बा-बरकत है के जो अपनी क़ुदरत वा क़ुव्वत में बे-मिसाल और ज़बरदस्त है, अल्लाह (ﷻ) को अपनी शान के लायक किसी भी काम में ना कोई दुश्मनी होती है, ना तकलीफ होती है।

अल मतीन के फायदे और वजीफा क्या है?

  • अगर कोई बुरी आदत वाला लड़का या लड़की अपनी आदतों में सुधार लाना चाहता हो तो उसे चाहिए कि दस बार अल क़विय्युल मतीन पढ़ा करे इंशाअल्लाह बहुत जल्द सुधार आ जायेगा
  • जिस बच्चे का दूध छूट गया हो ! मतलब नज़र लगने के कारण बहुत से बच्चे दूध पीना छोड़ देते है ! या बच्चे का दूध टिक नहीं पाता हो ! उस बच्चे को कागज पर या मतिनु लिखकर दूध पीला दिया जाए ! इंशा अल्लाह बहुत आराम होगा
  • और किसी माँ का दूध काम आ रहा हो तो माँ को भी इस नाम पाक को लिखकर वो कागज दूध में मिलकर पीला दे इंशा अल्लाह दूध ज्यादा होगा

#55 Al Waliyy

الْوَلِيُّ
AL-WALIYY
(हिमायत करने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी मखलूक के तमाम कामो के खुद अकेला ही निगरान है, और कायनात की अकेला ही तड़बीर करने वाला है, वो अपने औलिया के मदद’गार और उनके पुश्त पानह है।

अल वालिय्य के फायदे और वजीफा क्या है?

  • अगर कोई शख्स अपनी बीवी की आदतों से खुश न हो उसे चाहिए कि जब भी वो उसके सामने जाये तो अल्लाह के इस नाम को पढ़ लिया करे इंशाअल्लाह इंशाअल्लाह आदत में बदलाव आ जायेगा
  • जिस शख्स की औरत ना फरमान हो और बे आदत हो, इस नाम पाक को कसरत से पढ़ा करे और खासकर मुलाक़ात करने से पहले जरूर पढ़े!
  • ये नाम पाक बुरी आदतों से बचाता है ! और सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दिलाता है!
  • अल वलिय्यु जो शख्स अपनी बीवी की आदतों से ख़ुश न हो तो वो जब भी उसके सामने जाये तब इस नाम को पढ़ा करे इंशाअल्लाह नेक हो जाएगी
  • जिसको कोई मुश्किल पेश आये वो जुमा की रात में 1000 बार ये नाम पढ़े इंशाअल्लाह मुश्किलें दूर हो जाएँगी

#56 Al Hameed

الْحَمِيدُ
AL-HAMEED
(खूबियों वाला)

अल्लाह वो है के जो अपने तमाम ख़ूबसूरत अस्मा वा बुलंद सिफ़ात और उमदा अफल में महमूद है, अल्लाह ही की आली शान ज़ात है के जिसकी असानी और तंगी नेज़ सक़्ती और अजमाइशमें खूब तारीफें की जाती है, हर तरह की तारिफें इसी के लायक है और वही इन तारीफों के अकेला मुस्तहिक भी है, क्यों के वो हर कमाल के साथ मुतासिफ है।

अल हमीद के फायदे और वजीफा क्या है?

  • अगर कोई फ़ज्र की नमाज़ के बाद अल्लाह के इस नाम को पढ़ कर हाथ पर दम करके चेहरे पर फेर लिया करे तो यक़ीनन अल्लाह तआला उसे इज्ज़त और चेहरे का नूर अता फ़रमाएंगे
  • अगर कोई बेहूदा और गन्दी बातों का आदी हो और चाह कर भी न इस से न बच पता हो तो उसे चाहिए कि एक प्याले पर अल्लाह के इस नाम को लिखे और इस नाम को 90 बार पढ़ कर उस पर दम भी करे और हमेशा इसी प्याले से पानी पिए तो इंशाअल्लाह इस बेहूदगी से हिफ़ाज़त हो जाएगी
  • जो शख्स हकलाता हो और उसकी जुबान मेहफ़ूज़ ना रहती हो वो इस नाम पाक को प्याले में लिखे या प्याले में गुड़ाई करके लिखवाले और फिर उसी प्याले से पानी पिए!
  • जो शख्स 45 दिन तक लगातार 93 बार तन्हाई में या हमीदु पढ़ा करे तो उसकी तमाम बुरी आदतें इंशाअल्लाह दूर हो जाएँगी

#57 Al Muhsi

الْمُحْصِي
AL-MUHSI
(गिनने वाला)

अल्लाह वो है के जो हर चीज को अपने इल्म से घेर लेने वाला है, कायनात में कोई एक चीज भी अल्लाह से पोशीदा नहीं है।

Advantages of Reciting Al Muhsi

  • अल-अगर कोई शख्स दस बार अल्लाह के इस नाम को रोज़ाना पढ़ लिया करे तो इंशाअल्लाह वो अल्लाह की हिफ़ाज़त में आ जायेगा
  • गैस की प्रॉब्लम हो या या पेट में या कही भी दर्द हो 7 मर्तबा पढ़कर दम कर देने से फायदा होगा
  • जो जुमा की रात में इस नाम को 1000 बार पढ़ेगा अल्लाह तआला उसे क़यामत के हिसाब व किताब से नजात अता फ़रमाएंगे
  • जो 10 बार ये नाम पढ़ा करे वो अल्लाह तआला की हिफ़ाज़त में रहेगा के बारे में अधिक जानें

#58 Al Mubdi

الْمُبْدِئُ
AL-MUBDI
(पहली बार पैदा करने वाला)

अल्लाह वो है के जो बगैर किसी मिसाल के कायनात की हर चीज को आदम से वजूद में ले आने वाला है।

Benefits of Reciting Al Mubdi

  • अगर कोई अल्लाह के इस नाम को पढने का रूटीन बना ले तो इंशाअल्लाह उसकी ज़ुबान से सही और दुरुस्त बात ही निकलेगी
  • किसी का अगर कोई माल चोरी हो गया हो तो वो इस नाम को पढ़ा करे इंशाअल्लाह उस माल का जल्द ही पता चल जायेगा
  • जिस औरत का हमल गिर जाता हो मतलब बच्चा गिर जाता हो उसे चाहिए की वो जब पेट से हो जाए मतलब जब भी वो हामला हो जाए तो रोज़ाना 90 मर्तबा सुबह को पढ़कर शहादत की ऊँगली पर दम करे पेट पर फेर ले! इंशाअल्लाह हमल सलामत रहेगा!
  • जिस शख्स का कोई माल चोरी हो गया हो वो इस नाम को पढ़े इंशाअल्लाह माल जल्द मिल जायेगा
  • अगर कोई इस नाम को पढ़ा करे तो उसकी ज़ुबान से सही और दुरुस्त बात निकलेगी

#59 Al Mu’id

الْمُعِيدُ
AL-MU’ID
(दोबारा पैदा करने वाला)

अल्लाह वो है के जो तमाम मुर्दे को बरोज़-ए-कयामत उनकी क़ब्रों से उठा खड़ा करेगा।

अल मु’ईद के फायदे

  • कोई बात भूल गयी और याद न आ रही हो तो या मुब्दिउ या मुईदु पढ़े तो इंशाअल्लाह वो बात याद आ जाएगी
  • अगर घर का कोई शख्स खो गया हो तो उसको वापस लाने के लिए अमल करें कि जब सब लोग सो जाएँ तो उस वक़्त घर के चारों कोनों में “या मुईदु” 70, 70 बार पढ़े तो इंशाअल्लाह खोया हुआ इन्सान वापस आ जायेगा या उसका पता मिल जायेगा
  • किसी ने क़र्ज़ लिया हो और ना देता हो तो इस नाम पाक को उसके नाम के अदद के बराबर पढ़े इंशा अल्लाह दे देगा चूँकि इस नाम के मायने हैं दोबारा पैदा करने वाला यह नाम खोए हुए लोगों को तलाश करने के लिए पढ़ें!
  • खोये हुए शख्स को वापस लाने के लिए जब घर पर सब सो जाएँ तो घर के तमाम कोनों में सत्तर सत्तर बार या मुईदु पढ़े, इंशाअल्लाह खोया हुआ इन्सान वापस आ जायेगा या उसका पता चल जायेगा

#60 Al Muhyi

الْمُحْيِي
AL-MUHYI
(जिंदा करने वाला)

अल्लाह वो है के जो मखलोक़ात को मौत देने के बाद इन्हें ज़िंदा करने वाला है।

अल मुह्यी के फायदे और वजीफा क्या है?

  • अगर कोई शख्स बीमार हो और वो अल्लाह के इस नाम को खूब पढ़े या किसी दुसरे बीमार पर पढ़ कर दम कर दे तो इंशाअल्लाह बहुत जल्द तंदुरुस्त हो जायेगा
  • बदन में दर्द हो या औरत को दर्दे ख़ास हो तो 7 दिन तक हर रोज़ ७ बार पढ़कर अपने ऊपर दम करले शिफा होगी !
  • जो इस नाम को 1000 बार पढने का रूटीन बना ले तो इंशाअल्लाह उसका दिल ज़िन्दा हो जायेगा और बदन में ताक़त पैदा होगी
  • जो शख्स बीमार हो वो इस नाम को खूब पढ़े या किसी दुसरे पर खूब पढ़े और दम कर दे इंशाअल्लाह बहत जल्द ठीक हो जायेगा
  • जिसको किसी से जुदाई का अन्देशा हो या क़ैद का खौफ़ हो वो इस नाम को खूब पढ़े

#61 Al Mumeet

اَلْمُمِيتُ
AL-MUMEET
(मारने वाला)

अल्लाह वो है के जो जिंदा को मौत देने वाले है।

अल मुमीत के फायदे और वजीफा क्या है?

  • जिसको फ़िजूल खर्ची की आदत हो या उसका दिल इबादत पर आमादा न होता हो वो इस नाम को पढ़े – उस का एक तरीक़ा ये है कि सोते वक़्त सीने पर हाथ रख कर इस नाम को पढ़ते पढ़ते सो जाएँ
  • जो इस नाम को 7 बार पढ़ कर दम करेगा उस पर जादू असर न करेगा
  • जो शख्स नफ़्से अम्मारा से अज़ीज़ हो वो सोते वक़्त सीने पर हाथ रखकर इस इस्मे मुबारक को पढ़ते हुवे सो जाए उसका नफल मलगुब होगा।

#62 Al Hayy

الْحَيُّ
AL-HAYY
(सदा जीवित रहने वाला)

अल्लाह वो है के जो खुद एक ज़िंदा ज़ात है, और हर एक को ज़िंदगी अता करने वाला है (और अल्लाह वो है के जिन्हें कभी मौत नहीं आने वाली है)।

#63 Al Qayyum

الْقَيُّومُ
AL-QAYYUM
(सब को कायम रखने और निभाने वाला)

अल्लाह जो है के खुद कयूम है और अपनी तमाम मखलूक को थामने वाला है।

#64 Al Wajid

الْوَاجِدُ
AL-WAJID
(हर चीज़ को पाने वाला)

अल्लाह वो के जिन्हें किसी भी चीज की हजत नहीं) सब के कायनात में मौजूद हर चीज अल्लाह की मोहताज है।

#65 Al Majid

الْمَاجِدُ
AL-MAJID
(बुज़ुर्गी और बड़ाई वाला)

अल्लाह वो है जो हर तरह की बुज़ुर्गी और बड़ाई वाला के मुस्तहक़ है।

#66 Al Wahid

الْواحِدُ
AL-WAHID
(एक अकेला)

अल्लाह वो है के जो अपने तमाम कमाल में मुनफर्द (यानि निराला और बे-मिसाल) और एकता है, और इनमे कोई शारिक नहीं, इससे ये लाजिम है के सिर्फ अकेलेअल्लाह ही की बंदगी वा इबादत की जाए और इसके साथ किसी भी मखलूक को सरिक न थैराया जाए।

#67 Al Ahad (99 Names of Allah in Hindi)

اَلاَحَدُ
AL-AHAD
(एक अकेला)

अल-अहद वह है जो अकेला था, है और हमेशा रहेगा। उनके सभी सुंदर गुणों के सार में कोई भी उनके बराबर नहीं हो सकता है!

#68 As Samad

الصَّمَدُ
AS-SAMAD
(बे नियाज़)

अल्लाह वो है के जो अपनी सरदारी और बुजरूगी में कमाल दर्गे पर फैज है और मखलूक अपनी शदीद ज़रूरत मंडी की वजह से अपनी जरूरतों के लिए अल्लाह ही की तरफ लपकती है।

#69 Al Qadir

الْقَادِرُ
AL-QADIR
(कुदरत रखने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी तमाम मखलूक पर पूरी कुदरत रखने वाला है जमीन वा आसमान की कोई चीज अल्लाह को आजिज वा बेबस नहीं कर सकती, वो हर चीज की तकदीर लिखने वाला है।

#70 Al Muqtadir

الْمُقْتَدِرُ
AL-MUQTADIR
(पूरी कुदरत रखने वाला)

अल्लाह का ये एक ऐसा नाम है जो अल्लाह तआला की खुदरत के कमाल और इन्तेहा पर दलालत करता है के वो अल्लाह अपने इल्म-ए-सबिक के मुताबिक अपना फैसला नफीज करने और तक्लीक करने (या’नी पैदा करने पर) कमिल कुदरत रखता है।

#71 Al Muqaddim

الْمُقَدِّمُ
AL-MUQADDIM
(आगे करने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी हिकमत वा मशियत (अपनी चाहत) के मुताबिक अपने बंदो में से जिसे चाहता है आगे करता है, और इन्हें इनकी मुनासिब जगह पर रखता है, और अपने इल्म व फज़ल के मुताबिक मख्लुकात एक दूसरे पर मुकद्दम करने वाला है।

#72 Al Mu’akhkhir

الْمُؤَخِّرُ
AL-MU’AKHKHIR
(देरी करने वाला, वह जो पीछे की ओर लाता है)

अल्लाह वो है के जो तमाम मखलोक़ात को अपनी अपनी हैसियत में रखता है और अपनी हिकमत के मुताबिक जिसको चाहता है पीछे कर देता है, और बंदो से अज़ाब को मु’ख-खिर करता है (यानि अपने अजाब को ताल देता है) ताके बंदे तौबा वा इस्तेगफार में जल्दी करे।

#73 Al Awwal

الأوَّلُ
AL-AWWAL
(सब से पहले)

अल्लाह वो है के जिसे पहले कोई चीज नहीं थी तमाम मखलोक़ात तो अल्लाह के पैदा करने के बाद वजूद में आई, और जहाँ तक अल्लाह की जात-ए-आला का ताल्लुक है तो अल्लाह की कोई इब्तेदा नहीं, बलके अल्लाह तो अज़ल से है (यानि हमेशा से है और हमेशा रहेगा)

#74 Al Akhir

الآخِرُ
AL-AKHIR
(सब के बाद)

अल्लाह वो है के जिस के बाद कुछ नहीं वो अकेला अल्लाह ही बाकी रहने वाला है, और वो ज़मीन पर मौजूद हर चीज़ को ख़तम करने वाला है, और फ़िर बिल-आखिर हर एक अल्लाह ही की तरफ लौट कर जाने वाला है। अल्लाह के वजूद की कोई इंतहा नहीं (यानी दुनिया में अपनी मखलोक़ात से परदो के परे सब से खुद को मख़फ़ी वा पोशीदा रखता के बंदे इसको नूरानी वा ख़ूबसूरत चेहरे को देखने के शौक़में उम्र भर इसी की इबादत करते रहें।

#75 Az Zaahir

الظَّاهِرُ
AZ-ZAAHIR
(ज़ाहिर व आशकार)

अल्लाह वो है जो बज़ात-ए-खुद हर चीज़ के ऊपर बुलंदी पर (अपने अर्श पर मुस्तवी) है, और अल्लाह की कोई एक मख़लूक़ भी अल्लाह से बुलंद नहीं, वो हर चीज़ पर ग़ालिब है।

#76 Al Baatin

الْبَاطِنُ
AL-BAATIN
(छिपा हुआ; सभी को शामिल करने वाला)

अल्लाह वो है के जो जिससे पोशीदा तर कोई नहीं (यानि अल्लाह ने अपने नूरानी हिजाब में खुद को मखलूक से पोशीदा रखा), वो अपने (इल्म से) हर एक से करीब है, और हर चीज का (अपने इल्म से) घेराव किया हुआ है लेकिन वो दुनिया वालों से (अपने पर्दों के) पीछे पोशीदा है।

#77 Al Waali (99 Names of Allah)

الْوَالِي
AL-WAALI
(मुतवल्ली)

अल्लाह मालिक-ए-दो जहान और हर चीज को इसके अंजाम कर तक पहुंचने का जिम्मा लेने वाला

#78 Al Muta’ali

الْمُتَعَالِي
AL-MUTA’ALI
(सब से बलंद व बरतर)

अल्लाह वो है के जिस के बुलंदी के सामने हर मखलूक जलील वा पस्त है, और अल्लाह से ऊपर कोई चीज नहीं बलके हर चीज इसे नीचे और इस के गलबे और इक्तेदार के सामने निहायत मामूली है।

#79 Al Barr

الْبَرُّ
AL-BARR
(बड़ा अच्छा सलूक करने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी मख़लूक़ पर बेहद वा बे-हिसाब एहसान करने वाला है, वो इस क़दर नवाजता है के कोई अल्लाह की तमाम नेअमतो को गिनने या शुमार करने की भी इस्तेता नहीं रखता, वो अपने वादे का सच्चा है।

#80 At Tawwab

التَّوَابُ
AT-TAWWAB
(सब से ज्यादा कुबूल करने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपने बंदो में से जिस को चाहे तौबा की तौफीक दे कर इनसे इनकी तौबा को क़ुबूल फरमाता है।

#81 Al Muntaqim

الْمُنْتَقِمُ
AL-MUNTAQIM
(बदला लेने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपने मुजरिम बंदो से अकेला ही इन्तेकाम लेने वाला है।

#82 Al Afuw

العَفُوُّ
AL-AFUW
(बहुत ज्यादा माफ़ करने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपने बंदो के गुनाहों को मिटाता है और इनसे दार-गुजर फरमाता है, और इन्हें (गुनाह पर एक दम साजा नहीं देता) हलाके बंदा साजा का मुस्तहिक हुआ होता है।

#83 Ar Ra’uf

الرَّؤُوفُ
AR-RA’UF
(बहुत बड़ा मुश्फिक)

ये अल्लाह का ऐसा नाम है जो सिफत-ए-रैफत से मक़ूज़ है यानि ये अल्लाह की शफ़क़त और नर्मी पर दलील करने वाली सिफ़त से है, अल्लाह की सिफ़त का दरजा अल्लाह की रहमत से भी बढ़ा कर है, दुनिया में अल्लाह (ﷻ) तमाम मखलोक़ात पर रऊफ़ हैं और आखिरत में अपने खास बंदो यानि इमान वालों के लिए रऊफ़ होगा।

#84 Malikul Mulk

مَالِكُ الْمُلْكِ
MALIKUL-MULK
(मुल्कों का मालिक)

अल्लाह वो है के जो दुनिया और आखिरत में हकीकी फरमान-रवा और जी-शान इंसाफ परवार बादशाह है और वही अकेला बादेशाहत के मुस्तहिक भी है, क्योंके मखलूक की पैदाइश के आगाज में बादेशाहत इसी की थी और इसके सिवा कोई नहीं था।

#85 Zul Jalaali Wal Ikram

ذُوالْجَلاَلِ وَالإكْرَامِ
ZUL JALAALI WAL IKRAM
(अजमतो जलाल और इकराम वाला)

अल्लाह का इल्म कामिल और हर चीज़ को शमील है, हर चीज़ पर ग़ालिब, हर एक से बढ़ कर कुवत वाला, बुजुर्गीवाला है, अपने बंदो में से जिसे चाहता है बे-हिसाब ‘आता करने वाला है, और इसके खज़ानों में बा-वजूद है फ़याज़ी और अता के कुछ भी कमी नहीं आता, अपने इमानदार बंदो के’ ऐबू की परदा पोशीकरने वाला है, इन्हें उनकी नेकियों के भरपुर बदला देने वाला है और अपने न-फरमान बंदो को मोहलत देता है और अपने ‘अदल से इनका मुहासेबा करने वाला है।

#86 Al Muqsit (99 Names of Allah)

الْمُقْسِطُ
AL-MUQSIT
(अदलो इन्साफ कायम करने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी हर बात और हर काम में कमाल-ए-दारजे का इंसाफ करने वाला है।

#87 Al Jaami’

الْجَامِعُ
AL-JAAMI’
(सब को जमा करने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी सारी मखलूक को फना करने के बाद इन्हें बा-रोज कयामत जमा करने वाला है।

#88 Al Ghaniyy

الْغَنِيُّ
AL-GHANIYY
(आत्मनिर्भर)

अल्लाह वो है के जो अपनी कमाल-ए-सिफत और कमाल-ए-मुतलक की वजह से कभी किसी के मोहताज नहीं रहा और ना कभी मोहताज होगा और तमाम मख्लुकात अल्लाह की मोहताज है और अल्लाह के इनाम वा इकराम और मदद की हर लम्हे जरूरमंड है।

#89 Al Mughni

الْمُغْنِي
AL-MUGHNI
(बेनियाज़ व गनी बना देने वाला)

अल्लाह वो है के जिसे चाहा अपनी मखलूक में से बेपरवाह कर देने और अपने ज़िक्र से इसे इतमीनान वा सुखों ‘अता करने वाले है।

#90 Al Maani’

اَلْمَانِعُ
AL-MAANI’
(रोक देने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी मखलूक में जिस से चाहता है अपने खज़ानों में से अपनी नवाज़िशों को रोक लेता है।

#91 Ad Darr

الضَّارَّ
AD-DARR
(ज़रर पहुँचाने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी मखलूक में से जिसे चाहा ज़रर पहुंचा कर इसे आजमाता है।

#92 An Nafi’

النَّافِعُ
AN-NAFI’
(नफा पहुँचाने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपने बंदो में से जिसे चाहे नफा देकर इसे अजमाता है।

#93 An Noor

النُّورُ
AN-NOOR
(सर से पैर तक नूर बख्शने वाला)

अल्लाह वो है के जो खुद नूरानी चेहरे वाला है और अपने नूर से हर गुमराह को राह दिखाने वाला, और जमीन वा आसमान का नूर पैदा करने वाला है।

#94 Al Haadi (99 Names of Allah)

الْهَادِي
AL-HAADI
(सीधा रास्ता दिखाने और चलाने वाला)

अल्लाह वो है की जो अपने बंदो में से जिसे चाहे नेक और सीधी राह की तरफ रहनुमाई करने वाला और मंजिल-ए-मकसूद तक इन्हें पहुँचाने वाला है।

#95 Al Badi’

الْبَدِيعُ
AL-BADI’
(बेमिसाल चीज़ को इजाद करने वाला)

अल्लाह वो है के जो खुद बे-मिसाल है और अपनी तमाम मखलूक को अपने इल्म वा कुदरत के मुताबिक बगैर किसी नमूने और मिसाल के पैदा करने वाला है।

#96 Al Baaqi

اَلْبَاقِي
AL-BAAQI
(हमेशा रहने वाला)

अल्लाह वो है की जो हमेशा बाकी रहने वाला है कभी खतम न होगा और अपनी मखलूक में से जिसे चाहे बाकी रखने वाला है।

#97 Al Waarith

الْوَارِثُ
AL-WAARITH
(सब के बाद मौजूद रहने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपनी मखलूक को फना करने के बाद भी बाकी रहने वाला है, और हर फना होने वाली मखलूक को अल्लाह ही सामने पेश होना है, अल्लाह ने बंदो को जो कुछ दिया है वो अल्लाह ता’अला की अमानते है।

#98 Ar Rasheed

الرَّشِيدُ
AR-RASHEED
(बहुत रहनुमाई करने वाला)

अल्लाह वो है के जो अपने बंदो में से जिसे चाहता है सीधी राह दिखने वाला है।

#99 As Sabur

الصَّبُورُ
AS-SABUR
(बड़े तहम्मुल वाला)

अल्लाह वो है के जो अपने ना-फरमान बंदो की ना-फरमानियों पर कमाल दरजे का सबर करने वाला है, इन्हें जल्द ही इनके गुनाहों पर आज़ब नहीं देता बल्के इन्हें मोहलत देता है के अपनी ना-फरमानियों से और खराब-अमालियों से अल्लाह से तौबा वा इस्तेगफ़ार करने में जल्दी करे।

अल्लाह के 99 नाम पढने का तरीका

  • जिस जगह पढ़ें वह जगह पाक व साफ़ होनी चाहिए ।
  • पढ़ने वाले का मुँह और ज़बान पाक व साफ़ होनी चाहिए ।
  • पढ़ते वक़्त मुँह क़िब्ले की तरफ होना चाहिए ।
  • विनम्र, विनीत, सुकून और निश्चित होकर पूरे ध्यान के साथ पढ़ें ।
  • संख्या की अधिकता के कारण जल्दी न करें ।
  • जिस व्यक्ति का कोई वज़ीफ़ा रात या दिन या किसी विशेष समय पर निश्चित हो और उसे पाबंदी से पढता हो, यदि किसी दिन छूट जाए, तो उसको जिस समय भी संभव हो पढ़ लेना चाहिए । उस दिन बिल्कुल ही न छोड़ देना चाहिए ।

हर मर्ज की दवा Asma ul Husna

हर मर्ज की दवा अल्लाह तबारक व ताला के इन 99 Names of Allah में छुपी हुई है बस उसे समझने और जानने की जरूरत है आपको जो भी मर्ज हो दुनिया भी यह रूहानी जिस्मानी कोई भी परेशानी हो कारोबार की तंगी हो या घर परिवार की परेशानी या सवारी की परेशानी या मां बाप से परेशानी या औलाद से परेशान है हर मसले का हल अल्लाह तबारक व ताला के इन मुबारक नामों में है बस हमें इनको सही से समझना और जानना होगा कि कौन सा नाम किस मर्ज की दवा है वैसे तो जो भी नाम ले लो अल्लाह मदद ही फर्मआएगा

I Hope 99 Names of Allah का list के साथ meaning देने की कोशिश किया हूँ आप कमेंट में बताए की मेरी ये कोशिश आपको कैसा लगा और इस आर्टिकल में Improvment की जरुरत है तो Comment Below.

Table of Contents

Leave a Comment